हम 'अण्ड पिण्डवाद' में यह सिद्ध कर आए हैं कि हमारे शरीर का सब कुछ इन्हीं देवताओं की देन है। यदि गवारूभाषा में सीधा कहना चाहें तो यूं कह सकते हैं कि जो शक्तियां हमें सब कुछ देती हैं वे ही 'देवता' हैं और हम लेने वाले हैं इसलिये हम 'लेवता' हैं। सो मनुष्य पदे २ उन देने वाली शक्तियों का मोहताज है। मिस मेयो के शब्दों में हम 'देवताओं के गुलाम' हैं। अमेरिका की यह उच्छृंखल छोकरी जो कई बच्चों की जननी हो जाने पर भी आयु भर मिस=कुमारी ही बनी रहने का दावा करती है—किसी दिन हमें मिल जाए तो फिर हम उसे बताएं कि कि बाप की बिटिया ! तू स्वयं बता कि तू देवताओं की गुलाम है या नहीं ? हमारा दावा है कि तू तब तक देख भी नहीं सकती जब तक देवता कृपापूर्वक तुझे दृष्टि प्रदान न करे। यदि तुझे अभिमान हो कि तू अपनी ही आंखों से देखती है तो आ अमावस को रात में तुझे जंगल की सैर कराएं।'
'भाई लार्ड ! उई री मैय्या !'—'हैं २ यह क्या ? अभी तो दश कदम ही चल पाई थी ! क्या हुआ ? मियो मिस्ट्रस ! बोलती क्यों नहीं। ओहो ! सूखे लक्कड़ से टकरा गई ! खोपड़ी फूट गई। तुमने देखा क्यों नहीं, तुम तो अपनी आंखों से देखा करती हो ! तुम सूर्य चांद और टिमटिमाते तारों की या लालटेन टॉर्च=अग्नि देवता की गुलाम थोड़े ही हो ! सच बताओ ! क्या वे अपनी बिल्ली जैसी पीली पीली चमकीली आंख घर भूल आईं ! ठण्डा, गरम, दूर का निकट का कोई तो चश्मा लगाकर देखो !'
हमारा दावा है कि मनुष्य अपनी आंख से नहीं देखता, किंतु वह मेरे त्र्यम्बक भगवान् के ही अग्नि सूर्य चन्द्र रूप तीनों नेत्रों में से किसी एक की सहायता से देख पाता है। भाद्रपद की सघन मेघाच्छन्न अमावस की आधी रात में जब कि सूर्य, चन्द्र, तारे और अग्नि प्रकाश इनमें से कोई भी मेरे नेत्रों को सहायता नहीं दे रहा है, तब आंख का चमड़ा और पांव की तली का चमड़ा दोनों निर्विशेष चमड़े ही हैं। क्या अब भी अपनी आंखों से देखने का अभिमान दूर नहीं हुआ ? क्या अब भी केवल भारतीय हिन्दुओं को ही देवताओं के—'गुलाम' बताकर अपनी इस नाम की पुस्तक में अपनी मूर्खता का परिचय दोगी ? अरी अमेरिका की खरी छोकरी ! यदि अब भी तू न समझी तो कल तुझे एक बक्से में बंद करेंगे—फिर देखना कि वायु देवता की कृपा के बिना थोड़े समय में ही तेरे प्राण पखेरू उड़ते हैं कि नहीं ? तू तो चौबीस घण्टे में अन्यून, इक्कीस हजार छः सौ बार वायु देवता की दासता स्वीकार करने के लिये विवश है तब कहीं इतने स्वास ले पाती है।